सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

आप भी तोड़कर खाते हैं दवाई ?

आप भी तोड़कर खाते हैं दवाई ?

Credit : - ( सेहत ) डॉ. अजय नायर, कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन, नारायणा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल दवाई बानी कि किसी भी टैबलेट को तोड़कर खाने की आदत लगभग हम सभी में है। लेकिन इससे होने वाले दुष्परिणामों के बारे में भी जान लें तो बेहतर होगा।

कई बार हम कुछ दवाइयों को तोड़कर खा लेते हैं। दवाओं का डोज़ कम करने के लिए या फिर बाजार में समान पोटेंस की दवा न मिलने पर ज्यादा एमजी की गोली को आधा करके खा लेते हैं। यदि डॉक्टर ने 250 एमजी की दवा खाने के लिए कही है, लेकिन मिलती 500 एमजी की है तो इसी को आधा करके खा लेते हैं। परंतु हर दवाई को तोड़कर खाना सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। इसलिए यह समझना बहुत जरूरी है कि कौन-सी दवाई दोड़कर खानी चाहिए और कौन-सी नहीं।

इन अक्षरों से समझें

दवाओं के पीछे काफी कुछ लिखा हुआ होता है। परंतु उसमें कुछ ऐसे अक्षर भी होते हैं जिनके तात्पर्य यह होते हैं कि आपको उस गोली को सिर्फ़ निगलना है, न कि आधा करके खाना है। जैसे कि.....

कुछ दवाइयों पर SIR लिखा होता है जिसका मतलब है सस्टेन रिलीज, कुछ पर CR लिखा होता है जिसका मतलब है कंट्रोल रिलीज और कुछ दवाइयों पर XR लिखा होता है जिसका मतलब एक्सटेंड रिलीज होता है। ये सभी दवाइयां पूरी निगलने के लिए कही जाती हैं। मतलब इन दवाइयों को आप चबाकर या फिर तोड़कर नहीं खा सकते हैं। 

दरअसल, इन दवाइयों की बनावट इसी प्रकार से की जाती है कि जो शरीर के अंदर जाकर रक्त के साथ धीरे- धीरे घुल जाती हैं और धीरे-धीरे अपना असर दिखाने लगती हैं। यदि इस प्रकार की दवाओं को आधे में विभाजित करके खाया जाए, तो इसका सूत्र बदल जाता है और ये दवाएं असर दिखाने के बजाय शरीर पर दुष्प्रभावी हो जाती हैं।

किन दवाओं को तोड़कर खाया जा सकता है ?

जिन दवाओं को तोड़कर खाया जा सकता है, उनकी है। उन दवाओं को 'स्कोर टैबलेट' कहा जाता है। इन  दवाओं पर बनी यह लकीर इस बात की पहचान है कि इन्हें आधा करके भी खाया जा सकता है या फिर यदि आप  इन्हें आधा तोड़कर खाते हैं तो इनकी शक्ति भी आधी ही मिलती है। उदाहरण के लिए, यदि आपको 250 एमजी की दवा खानी है और घर पर 500 एमजी स्कोर टैबलेट है तो आप इस पर बने चिह्न के अनुसार आधा करके खा सकते हैं। यदि वह स्कोर टैबलेट नहीं है तो उसके बीच में लकीर नहीं बनी होगी। फिर चाहे वह टैबलेट सामान्य पेन किलर की ही क्यों न हो।

एंटरिक या प्रोटेक्टिव कोटेड दवाएं

कुछ दवाएं एंटरिक या प्रोटेक्टिव कोटेड होती हैं। सुरक्षात्मक दृष्टि से इन दवाओं पर एक परत लगी होती है। यदि इस प्रकार की दवाओं को काटा या तोड़ा जाता है तो इनके ऊपर लगी परत भी टूट जाती है, जिससे ये पेट में जलन पैदा करती हैं।

दवाई लेने से पहले की सावधानियां

1 स्वयं दवाई को तोड़कर खाने का निर्णय न लें। इससे डॉक्टर या फार्मानिस्ट से परामर्श ले सकते है ।

2 यदि गोली को विभाजित कर रहे हैं तो उसके लिए चाकू या अन्य वस्तुओं का उपयोग करें। इससे दवाई सामान्य रूप से कटेगी। चाकू या अन्य तरीक़ों से दवाई के कई टुकड़े हो सकते हैं जिसे खाना सुरक्षित नहीं है।

3 यदि आपके पास एक से अधिक दवाइयां हैं तो सभी को एक साथ काटने के बजाय खाने से ठीक पहले काटें जिससे दवा का पूरा प्रभाव मिल सके। टैबलेट टूटी रखी रहे तो समय के साथ हवा और नमी के संपर्क में आकर इसका प्रभाव कम हो जाता है।


टिप्पणियाँ