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पहले जांचें तब ही ऋण लें

पहले जांचें तब ही ऋण लें

आजकल वाणिज्यिक बैंकों को दरकिनार करके लुभावने प्रस्तावों के लालच में आकर सहकारी बैंक व ऑनलाइन एप्स से ऋण लेना प्रचलन में है। लेकिन इन सुविधाओं के इस्तेमाल से पूर्व कुछ बातों को जानना बहुत ज़रूरी है।

Credit :- हरीश शर्मा, वित्त सलाहकार

बैंक हमारी व्यापार या निजी जरूरतों जैसे घर, कार, इलेक्ट्रानिक सामान आदि के लिए ऋण प्रदान करते हैं। इस बात में कोई दो राय नहीं कि बिना बैंकिंग व्यवस्था के देश की अर्थव्यवस्था चलना आसान नहीं है। लोग विभिन्न आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए ऋण लेते है। इन दिनों बड़े मुख्य बैंक के अलावा छोटे सहकारी बैंक और ऑनलाइन लोन एप्स के माध्यम से भी ऋण लेना सामान्य हो चुका है। हालांकि सहकारी बैंक और निजी लोन एप से ऋण लेना सामान्य बैंक की तुलना में नुकसानदायक साबित हो सकता है। अगर आपका क्रेडिट स्कोर / सिबिल स्कोर अच्छा है तो वाणिज्यिक बैंक से ऋण लेना ही श्रेयस्कर होगा। यदि परिस्थितियां ऐसी बन रही हैं कि सहकारी बैंक से ऋण लेना ही है, तो इन बातों पर एकबार अवश्य ध्यान दें।

* कम अवधि से असुविधा

ज्यादातर ऋण कम अवधि में ही चुकाना पड़ता है, इससे उधार लेने वाले के लिए नकदी के प्रवाह का प्रबंधन मुश्किल हो जाता है।

* सीमित शाखा नेटवर्क

बड़े वाणिज्यिक बैंकों की तुलना में सहकारी बैंकों के पास आमतौर पर सीमित शाखा नेटवर्क होता है। इसलिए उनकी सेवाओं का उपयोग करना मुश्किल हो सकता है।

* ब्याज दर की जांच

सहकारी बैंक से लिए जाने वाले ऋण की ब्याज दर, सामान्य बैंकों की तुलना में अधिक हो सकती है। इसलिए सहकारी बैंक से ऋण लेने के पहले उसकी व्याज दरों की जांच और तुलना करनी चाहिए।

* आवेदन में असुविधा .

मुख्य बैंकों की तुलना में सहकारी बैंकों में तत्काल लोन की सुविधा कम होती है। इसलिए जब आप एक सहकारी बैंक से ऋण लेते हैं तो आपको आवश्यकता के अनुसार समय-समय पर आवेदन करना होगा। साथ ही यह आवेदन प्रक्रिया लम्बी भी हो सकती है।

* नक़दी की उपलब्धता

सहकारी बैंकों में नकदी की उपलब्धता कम होती है। जबकि मुख्य वाणिज्यिक बैंकों में यह अधिक होती है। यदि आपको जल्द नकद ऋण की आवश्यकता है। तो सम्भावना है कि सहकारी बैंक ऋण में आपको नकद राशि मिलने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए ऋण से पूर्व ही इस विषय में जांच जरूर कर लें।

* सुरक्षा का संशय

लोन एप्स में पारम्परिक बैंकों की तुलना में सुरक्षा का में स्तर बहुत कम होता है। ऋण लेने वाले की व्यक्तिगत जानकारी जैसे कि आधार संख्या, फोन नम्बर, पैन संख्या आदि चीजें लीक होने का खतरा बना रहता है। लुभावने ऑफर देखकर किसी भी अपरिचित एप पर विश्वास न करें। साथ ही ऐसे एप्स डाउनलोड करने पर कई तरह की अनुमति आपको इन्हें देनी पड़ती है जैसे स्टोरेज, कॉल हिस्ट्री, कैमरा, लोकेशन आदि। इससे मोबाइल में मौजूद डेटा / पासवर्ड की गोपनीयता भंग हो जाती है।

* अतिरिक्त शुल्क का झोल

लौन एप्स के द्वारा लोन लेने पर छिपी हुई फीस लगा दी जाती है। यह फीस ग्राहक को लोन लेते समय स्पष्ट रूप से नहीं बताई जाती है।

* उच्च ब्याज दर

लोन एप्स के माध्यम से दो मिनट में लोन प्राप्त हो जाता है। किंतु यहां भी ब्याज दर पारम्परिक बैंक की तुलना में बहुत अधिक होती है।

* तकनीक सम्बंधी नुकसान

अधिकतर सहकारी बैंक नई तकनीकों को अपनाने में पीछे हैं किन्हीं में आज भी नेट बैंकिंग और ऑनलाइन मनी ट्रांसफर की सुविधाएं नहीं है। डिजिटल युग में इन सुविधाओं का न मिलना आपके लिए परेशानियां खड़ी कर सकता है।

* गारंटी की समस्या

कुछ सहकारी बैंक लोन देने की प्रक्रिया में बड़े बैंकों की तुलना में थोड़े ज्यादा कठिनाई वाले होते हैं। साथ ही कुछ बैंकों में लोन के लिए अन्य व्यक्ति की गारंटी की आवश्यकता भी होती है, जो कि ज्यादातर बड़े बैंकों में नहीं होती। यहां आपको पारदर्शिता की कमी भी महसूस हो सकती है।

* एप्स के माध्यम से ऋण

आसानी से ऋण पाने के लिए कई एप बाजार में उपलब्ध है। ये एप त्वरित और आसान तरीके से लोन देने के लिए लोकप्रिय हो रहे हैं। हालांकि, लोन एप्स के माध्यम से ऋण लेने से पूर्व हमें बहुत सावधानी बरतनी चाहिए तथा उसके नफे-नुकसानों को भी समझ लेना चाहिए।

* सीमित ग्राहक सहायता

पारम्परिक उधारदाताओं की तुलना में लोन एप्स में सीमित ग्राहक सहायता मिलती है। इस कारण ज़रूरल पड़ने पर उचित सहायता प्राप्त करना बहुत मुश्किल हो जाता है। यह भी ध्यान दें कि इन एप्स के कार्यालय आपके शहर या राज्य में हों, यह आवश्यक नहीं है। यहां तक कि आपके देश में न होकर चीन आदि देशों में भी इन एप्स के कार्यालय हो सकते हैं।

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