फोन फेंकोइनाम जीतो
मोबाइल फोन आज ऐसी अज़ीज़ निधि बन चुका है कि इसका टूटना या खो जाना तो दूर, आसपास दिखाई न देना ही परेशानी का सबब बन जाता है। लेकिन एक खेल ऐसा भी है जिसमें फोन को फेंकना आपको इनाम दिलवा सकता है।
फिनलैंड वही देश है जहां पर मोबाइल दुनिया की पूर्व दिग्गज कम्पनी नोकिया का हेडक्वार्टर मौजूद है। इसी फिनलैंड में वर्ष 2000 में एक अनोखे खेल की शुरुआत हुई जिसने देखते ही देखते अंतरराष्ट्रीय रूप ले लिया। खेल है 'मोबाइल फोन फेंको' प्रतियोगिता । फिनलैंड के सेवनलिन्ना शहर में प्रतिवर्ष इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है और कई देशों से प्रतिभागी इसमें हिस्सा लेने के लिए यहां पहुंचते हैं।
खेल बहुत आसान है-
जो जितनी दूर तक मोबाइल फेंकेगा वही विजेता होगा। निर्णायक मंडल द्वारा अधिकतम दूरी और फेंकने की तकनीक के आधार पर विजेता का चयन किया जाता है। दिलचस्प बात यह है कि पुरस्कार के रूप में भी विजेता को मोबाइल ही दिया जाता है।
चार श्रेणियों में स्पर्धा
ऐसा भी नहीं है कि प्रतिभागी को सिर्फ़ मोबाइल ही फेंकना है तो किसी भी तरह फेंका जा सकता है। इच्छुक प्रतिभागी इन चार श्रेणियों में इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं-
पारम्परिक -
कंधे के ऊपर से जो सबसे दूर मोबाइल फेंकेगा वह विजयी होगी। इसमें प्रतिभागी को तीन बार मोबाइल फेंकना होता है।
फ्रीस्टाइल -
इस श्रेणी में प्रतिभागी को अपनी रचनात्मकता दिखाने की आज़ादी होती है और जो जितने रचनात्मक तरीके से फोन फेंकता है उसे उतने अंक प्राप्त होते हैं। इसमें व्यक्तिगत या टीम के रूप में भाग लिया जा सकता है।
टीम ओरिजनल-
एक टीम में अधिकतम 3 लोग भाग ले सकते हैं। तीनों प्रतिभागियों द्वारा फेंके गए फोन की दूरी को जोड़कर विजेता टीम की घोषणा होती है।
जूनियर-
12 वर्ष या उससे छोटे बच्चे इस श्रेणी में भाग ले सकते हैं।
खेल के नियम
इस प्रतियोगिता में आपको अपना फोन लाने की आवश्यकता नहीं है। फेंकने के लिए मोबाइल फोन आयोजकों द्वारा दिया जाता है। इस प्रतियोगिता की विभिन्न श्रेणियों में विभिन्न प्रकार के मोबाइल का इस्तेमाल होता है। इसमें 220 ग्राम या उससे अधिक वज़न वाले फ़ोन ही उपयोग में लिए जा सकते हैं।
आयोजक 220 से लेकर 400 ग्राम तक के पुराने फोन प्रतिभागियों के लिए रखते हैं और प्रतिभागी अपनी इच्छा से फोन का चुनाव करने के लिए स्वतंत्र होता है। वहीं एक निर्धारित रेखा के भीतर से ही फोन को फेंका जा सकता है। साथ ही फोन उसी क्षेत्र के भीतर गिरना चाहिए जो रस्सी द्वारा घेरा जाता है।
हालांकि, इस प्रतियोगिता से पूर्व प्रतियोगी का किसी भी प्रकार का दवा परीक्षण नहीं किया जाता, किंतु यदि निर्णायक दल को प्रतिभागी शारीरिक या मानसिक रूप से अक्षम लगता है तो वे उसे खेल में भाग लेने से रोक सकते हैं। निर्णायक दल का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होता है।
रिसाइकलिंग के लिए जागरूकता
इस प्रतियोगिता के पहले संस्करण में एक बीमा कम्पनी ने भी इस खेल को प्रायोजित किया था। बीमा कम्पनी के अनुसार, फिनलैंड की कई झीलों में हज़ारों की संख्या में पुराने मोबाइल मौजूद हैं। कुछ लोग ही अपने पुराने फोन को कम्पनी जाकर नए फोन से बदल पाते हैं, लेकिन अधिकतर लोग रिसाइकलिंग के बजाय उन्हें कचरे के हवाले कर देते हैं और यह समय के साथ 'टॉक्सिक वेस्ट' यानी विषाक्त अपशिष्ट में तब्दील होने लगता है। ज़मीन में जितना विषाक्त अपशिष्ट मौजूद है उसमें 70 प्रतिशत हिस्सा इलेक्ट्रॉनिक कचरे का है। ख़राब फोन को रिसाइकल करके प्रकृति संरक्षण में योगदान दिया जा सकता है। इस खेल के लिए भी लोगों से पुराने मोबाइल फोन इकट्ठे किए जाते हैं और उन्हें रिसाइकलिंग के प्रति जागरूक किया जाता है।
इस तरह हुई शुरुआत
व्याख्या व अनुवाद का काम करने वाली एक कम्पनी फेन्नोलिंगुआ ने इस खेल की शुरुआत वर्ष 2000 में फिनलैंड के सेवनलिन्ना शहर से की थी। इसमें कई लोगों ने भाग लिया और इसी बहाने फोन को फेंककर अपने ग़ुस्से को दूर भी किया। इस खेल के आयोजन में स्थानीय रिसाइकलिंग स्टोर्स ने भी सहभागिता की थी और पुराने मोबाइल के रूप में विषाक्त अपशिष्ट उन्होंने जमा किया था।
आयोजन सफल रहा और फिर प्रतिवर्ष अगस्त माह में इसका आयोजन किया जाने लगा। इसकी सफलता के बाद सारे यूरोप में राष्ट्रीय स्तर पर मोबाइल फोन फेंकने की प्रतियोगिताएं होने लगीं। पहली राष्ट्रीय स्पर्धा 2004 में नॉर्वे में आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता के विजेता को सेवनलिन्ना शहर में होने वाली वर्ल्ड चैम्पियनशिप में जाने का मौक़ा मिला और उसका पूरा खर्च आयोजकों ने उठाया।
वर्ष 2005 में शीतकालीन स्पर्धा का आयोजन स्विट्ज़रलैंड में किया गया और इसमें 'ओरिजनल' तथा 'फ्रीस्टाइल' श्रेणी के विजेताओं को फिनलैंड में आयोजित प्रतिस्पर्धा में जाने का अवसर मिला।
इस खेल में सबसे अधिक दूरी तक मोबाइल फेंकने का गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड ड्राइस फेरिमेन्स के नाम है जिन्होंने 110.42 मीटर की दूरी तक फोन फेंक दिया था। यह दूरी लगभग एक फुटबॉल मैदान के बराबर है।
ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, जर्मनी, चेक रिपब्लिक और अमेरिका तक ने इस खेल को अपनाया और कई राष्ट्रों में अब इसकी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं।
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